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गाडरवारा शक्कर नदी की दुर्दशा।

गाडरवारा।

अवैध खनन , अति दोहन और प्रदूषण का शिकार शक्कर नदी विलुप्त होने की कगार पर है।जागरूकता के अभाव में शक्कर नदी अपना अस्तित्व खोती हुई दिखाई देती है।जल संरक्षण एवम् शुद्धि अभियान के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। आम जनता के जागरूक ना होने के कारण नदी अपना मूल रूप खो चुकी है,नदी का अविरल कलकल  संगीत मनुष्य के स्वार्थ के कारण लुप्त हो गया है,क्या आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा कोई दायित्व नहीं बनता है।

रेत के अवैध खनन से नदी  सीना छलनी कर दिया गया परन्तु अब तक कठोर कार्यवाही नहीं होना शासन की मंशा को लेकर अनेक सवाल खड़े करता है किन्तु कुंभकर्णी नींद में डूबा हुए प्रशासन द्वारा जन हित के मुद्दों को दबाने और रेत माफिया को फायदा पहुंचाने के लिए शिकायत कर्ताओं पर दबाव  बनाया जाता है सच बोलने की कीमत चुकानी पड़ती है क्यों कि भ्रष्टों के नैतिक मूल्यों का पतन हो जाने से जनता का खून चूसना स्वार्थी लालचियों का ध्येय बन गया है।

Vikram
हां हम बहते हैं धारा के विपरित,लड़ते हैं भ्रष्टाचार की लहरों से। हम उठाते हैं आवाज आपके आस पास हो रहे अन्याय के खिलाफ। WhatsApp no - +919977769843 Any suggestions or comments.

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