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खून के आंसु बहाने को मजबुर नरसिंहपुर जिले का आम नागरिक।

नरसिंहपुर।

चारों तरफ एक अजीब सी खामोशी दिखाई देती है कोई हल चल महसूस नहीं होती आखिर क्या वजह है।आप सभी सोच रहे होंगे यह कैसी अजीब बात है तो आइए newslive88 की टीम के साथ हम आपको दिखाते हैं जिले के वास्तविक हालात जिन्हें जाने बगैर कोई भी चर्चा सार्थक नहीं हो सकती।

शहर की चमक दमक से दूर रहने वाले ग्रामीणों की तकलीफ़ बयान करना बहुत ही मुश्किल है बिजली, पानी ,स्वास्थ्य सेवाए और तो और यहां तक कि भोजन की समस्या से जूझ रहे लोगों से जिले के विकास की बात भला किस प्रकार की जा सकती है भ्रष्टाचार,रिश्वतखोरी और शोषण का शिकार बनाकर जेबें गर्म करने में व्यस्त जिम्मेदारों को गरीब की जीवन मृत्यु से और सुख सुख से कोई लेना देना नहीं है।

बद से बद्तर हालात करके गरीब को मरने के लिए छोड़ दिया जाता है। यूं तो मध्यप्रदेश शासन द्वारा कहने के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही है परन्तु क्या उन्हें योजनाओं का लाभ प्राप्त होता भी है क्या कीमत चुकानी पड़ती है ,अपने अधिकार को प्राप्त करने के लिए कुंभकर्णी निंद्रा में सोए हुए जिम्मेदारों को जगाने के लिए पहले उनकी जेबें गर्म करना पड़ती है।

चुनावी मौसम में जो जनता के सेवक बनकर वोट मांगा करते थे वहीं आज शासक बनकर जनता के सर पर बैठ गए हैं ।ग्रामीणों के शिकायत करने पर उनके काम में रोड़े अटकाए जाते हैं,अपात्रों को लाभ प्रदान किया जाता है चापलूसों और दलालों की सेवाओं को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता से उनके काम पूरी तल्लीनता के साथ किए जाते है। चमचों द्वारा चाटुकारिता किए जाने के चलते पात्रों को लाभान्वित नहीं किया जाता है और अपात्रों को मलाई बांटी जा रही है।

पत्नी के सरपंच होने के बावजूद पति महोदय पंचायत में अपनी धोंस जमा रहै। सरपंच सचिव के हाथों के इशारों की कठपुतली बनकर उसके इशारों पर नाच रहे हैं।

 

Vikram
हां हम बहते हैं धारा के विपरित,लड़ते हैं भ्रष्टाचार की लहरों से। हम उठाते हैं आवाज आपके आस पास हो रहे अन्याय के खिलाफ। WhatsApp no - +919977769843 Any suggestions or comments.

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