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किसान की आत्मा और पंचायतों का भ्रष्टाचार राज।

नरसिंहपुर।

जिले की ग्राम पंचायतों का आलम यह है कि  चारों ओर भ्रष्टाचार एवम् ठगी का बोलबाला स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है परन्तु जैसा कि देश के विकास की चर्चा जोरों से चल रही है उतना ही जोर शोर से किसानों का शोषण भी पंचायतों में जारी है।

कहीं और समस्या का समाधान ढूंढने की प्रवृति मुख्य उद्देश्य से भटका देती है और शासन की मंशा और योजनाओं को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रहती है।वास्तविकता समझ से परे नहीं हो सकती यदि पंचायतों की संदेहास्पद कार्यशैली की निष्पक्ष जांच की जाती है तो किसान को आत्म हत्या करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

Newslive88 द्वारा पंचायतों से लगातार जानकारी मांग कर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश में व्यवधान पैदा कर सरपंच , सचिव एवम् ग्राम रोजगार सहायक अपने काले कारनामों को स्वयं ही उजागर कर रहे हैं।किसानों और ग्रामीणों को विश्वास में रखकर रिश्वतखोरी की जाती है और उदाहरण दिया जाता है कि पानी में रहकर मगर से बैर नहीं किया जाता है, मजबुर ग्रामीण शिकायत करने की कोशिश भी नहीं कर सकते क्यूं की गांव में रहना है तो शोषण को सहना होगा भ्रष्टाचारी का हर अत्याचार आदेश मानना होगा यही नियति मानकर किसान और ग्रामीण चुप चाप दर्द के आंसु बहाते रहते हैं।

Vikram
हां हम बहते हैं धारा के विपरित,लड़ते हैं भ्रष्टाचार की लहरों से। हम उठाते हैं आवाज आपके आस पास हो रहे अन्याय के खिलाफ। WhatsApp no - +919977769843 Any suggestions or comments.

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