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आर टी आई कार्यकर्ताओं को धमकाने का खेल।

आसपास।
जिले में चल रहे कार्य के विकास की जानकारी सूचना के अधिकार से प्राप्त की जा सकती है जिससे कार्य में पारदर्शिता आएगी परन्तु सरकार की इस मंशा को नाकाम करने की कोशिश की जा रही है। सूत्रों की माने तो सूचना का अधिकार का उपयोग करने वाले आर टी आई कार्यकर्ताओं को डराया धमकाया जाता है। ऐसा लगता है कि शासन की मंशा प्रत्येक सवाल करने वाले को खामोश कर देने की है। यदि आंकड़ों पर नजर डालें तो आप स्वयं जान सकते हैं मध्य प्रदेश की शहला मसूद,अहमदाबाद के अमित जेठवा, पुणे के सतीश महाराष्ट्र के दत्ता पाटिल,अरुण सावंत आंध्प्रदेश के रंगा राव,बिहार के शशिधर मिश्रा, वेंकटेश, विजय बहादुर, सतेंद्र दुबे ,एस मंजु नियामत अंसारी इन आर टी आई कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई। गौरी लंकेश हत्याकांड एवम अन्य कई पत्रकारों की हत्या कर दी गई क्यों की उन्होंने अन्याय और भ्रष्टाचार से मुक्ति के लिए आवाज उठाई।

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